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ख़ूबरू सब की जान होते हैं
خوبرو سب کی جان ہوتے ہیں
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हँसते हो रोते देख कर ग़म से
ہنستے ہو روتے دیکھ کر غم سے
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दामन वसीअ था तो काहे को चश्म तरसा
دامن وسیع تھا تو کاہے کو چشم ترسا
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मुझे ग़र्ज़ है मेरी जान ग़ुल मचाने से
مجھے غرض ہے مری جان غل مچانے سے
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हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर
ہم جی رہے ہیں کوئی بہانہ کیے بغیر
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