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ख़ूबरू सब की जान होते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
خوبرو سب کی جان ہوتے ہیں
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हँसते हो रोते देख कर ग़म से
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہنستے ہو روتے دیکھ کر غم سے
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दामन वसीअ था तो काहे को चश्म तरसा
मीर तक़ी मीर द्वारा
دامن وسیع تھا تو کاہے کو چشم ترسا
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मुझे ग़र्ज़ है मेरी जान ग़ुल मचाने से
जौन एलिया द्वारा
مجھے غرض ہے مری جان غل مچانے سے
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हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर
जौन एलिया द्वारा
ہم جی رہے ہیں کوئی بہانہ کیے بغیر
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ये अक्सर तल्ख़-कामी सी रही क्या
जौन एलिया द्वारा
یہ اکثر تلخ کامی سی رہی کیا
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वहशत-ए-दिल सिला-ए-आबला पाई ले ले
अहमद फ़राज़ द्वारा
وحشت دل صلۂ آبلہ پائی لے لے
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क़त्ल-ए-आशिक़ किसी माशूक़ से कुछ दूर न था
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
قتل عاشق کسی معشوق سے کچھ دور نہ تھا
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जो कहो तुम सो है बजा साहब
मीर तक़ी मीर द्वारा
جو کہو تم سو ہے بجا صاحب
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क्या मुसीबत-ज़दा दिल माइल-ए-आज़ार न था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا مصیبت زدہ دل مائل آزار نہ تھا
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नाला जुज़ हुस्न-ए-तलब ऐ सितम-ईजाद नहीं
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
نالہ جز حسن طلب اے ستم ایجاد نہیں
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वो देखने हमें टुक बीमारी में न आया
मीर तक़ी मीर द्वारा
وہ دیکھنے ہمیں ٹک بیماری میں نہ آیا
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अगरचे तुझ से बहुत इख़्तिलाफ़ भी न हुआ
परवीन शाकिर द्वारा
اگرچہ تجھ سے بہت اختلاف بھی نہ ہوا
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कर नाला कशी कब तईं औक़ात गुज़ारें
मीर तक़ी मीर द्वारा
کر نالہ کشی کب تئیں اوقات گزاریں
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मैंने जो बे-कसाना मज्लिस में जान खोई
मीर तक़ी मीर द्वारा
میں نے جو بے کسانہ مجلس میں جان کھوئی
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हुसूल काम का दिल-ख़्वाह याँ हुआ भी है
मीर तक़ी मीर द्वारा
حصول کام کا دل خواہ یاں ہوا بھی ہے
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शिकवा अव्वल तो बे-हिसाब किया
जौन एलिया द्वारा
شکوہ اول تو بے حساب کیا
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अब तो मुँह से बोल मुझ को देख दिन भर हो गया
قمر جلالوی द्वारा
اب تو منہ سے بول مجھ کو دیکھ دن بھر ہو گیا
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अगर यूँ ही यह दिल सताता रहेगा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
اگر یوں ہی یہ دل ستاتا رہے گا
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ता हम को शिकायत की भी बाक़ी न रहे जा
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
تا ہم کو شکایت کی بھی باقی نہ رہے جا
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