ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
सूफ़ियाना
सभी
8
अशआर
0
ग़ज़ल
8
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
अब तसव्वुर में हरम है न सनम ख़ाना है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
اب تصور میں حرم ہے نہ صنم خانہ ہے
0
दस्त-ओ-पा मारे वक़्त-ए-बिस्मिल तक
मीर तक़ी मीर द्वारा
دست و پا مارے وقت بسمل تک
0
अब हाल अपना उस के है दिल-ख़्वाह
मीर तक़ी मीर द्वारा
اب حال اپنا اس کے ہے دل خواہ
0
معاف کر مری مستی خدائے عز و جل
अहमद फ़राज़ द्वारा
معاف کر مری مستی خدائے عز و جل
0
बज़्म में जो तेरा ज़हूर नहीं
मीर तक़ी मीर द्वारा
بزم میں جو ترا ظہور نہیں
0
नई तर्ज़ों से मयख़ाने में रंग-ए-मय झलकता था
मीर तक़ी मीर द्वारा
نئی طرزوں سے میخانے میں رنگ مے جھلکتا تھا
0
मेरा जी है जब तक तेरी जुस्तुजू है
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
مرا جی ہے جب تک تری جستجو ہے
0
शाम हुई है यार आए हैं यारों के हम-राह चलें
जौन एलिया द्वारा
شام ہوئی ہے یار آئے ہیں یاروں کے ہم راہ چلیں
कवियों की सूची
कवियों
और जानें