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क्या कहें अपनी उस की शब की बात
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا کہیں اپنی اس کی شب کی بات
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हम ने जाना था सुख़न होंगे ज़बाँ पर कितने
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہم نے جانا تھا سخن ہوں گے زباں پر کتنے
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नाज़-ए-चमन वही है बुलबुल से गो ख़िज़ां है
मीर तक़ी मीर द्वारा
ناز چمن وہی ہے بلبل سے گو خزاں ہے
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मर मर गए नज़र कर उस के बरहना तन में
मीर तक़ी मीर द्वारा
مر مر گئے نظر کر اس کے برہنہ تن میں
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आईनों में अक्स न हों तो हैरत रहती है
Amjad Islam Amjad द्वारा
آئینوں میں عکس نہ ہوں تو حیرت رہتی ہے
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ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं
जौन एलिया द्वारा
ٹھیک ہے خود کو ہم بدلتے ہیں
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उसके पहलू से लग के चलते हैं
जौन एलिया द्वारा
اس کے پہلو سے لگ کے چلتے ہیں
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यार अजब तरह निगह कर गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
یار عجب طرح نگہ کر گیا
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