Yaar Ajab Tarah Nigah Kar Gaya
یار عجب طرح نگہ کر گیا
यार अजब तरह निगह कर गया
ग़ज़ल
१ मिनट पढ़ने मेंیار عجب طرح نگہ کر گیا
دیکھنا وہ دل میں جگہ کر گیا
Yaar ajab tarah nigah kar gaya
Dekhna woh dil mein jagah kar gaya
تنگ قبائی کا سماں یار کی
پیرہن غنچہ کو تہ کر گیا
Tang qabai ka samaa yaar ki
Pairahan-e-ghuncha ko teh kar gaya

मीर तक़ी मीर1723–1810
शास्त्रीय
मीर ताक़ी 'मीर' उर्दू के महानतम क्लासिक शायर हैं, जिन्हें 'ख़ुदा-ए-सुख़न' (शायरी का ईश्वर) कहा जाता है। उन्होंने जीवन के दुखों को बेहद सरल भाषा में ढालकर उर्दू ग़ज़ल को अमर बना दिया।
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