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मेरा जी है जब तक तेरी जुस्तुजू है
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
مرا جی ہے جب تک تری جستجو ہے
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अब के भी सैर-ए-बाग़ की जी में हवस रही
मीर तक़ी मीर द्वारा
اب کے بھی سیر باغ کی جی میں ہوس رہی
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बंद क़बा को ख़ूबाँ जिस वक़्त वा करेंगे
मीर तक़ी मीर द्वारा
بند قبا کو خوباں جس وقت وا کریں گے
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ख़ूबरू सब की जान होते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
خوبرو سب کی جان ہوتے ہیں
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दिल अगर होता तो मिल जाता निशान आरज़ू
قمر جلالوی द्वारा
دل اگر ہوتا تو مل جاتا نشان آرزو
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मर रहते जो गुल बन तो सारा यह ख़लल जाता
मीर तक़ी मीर द्वारा
مر رہتے جو گل بن تو سارا یہ خلل جاتا
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लाग़र इतना हूँ कि गर तू बज़्म में जा दे मुझे
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
لاغر اتنا ہوں کہ گر تو بزم میں جا دے مجھے
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दिल का क्या है वो तो चाहेगा मुसलसल मिलना
परवीन शाकिर द्वारा
دل کا کیا ہے وہ تو چاہے گا مسلسل ملنا
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अपनी रुसवाई तिरे नाम का चर्चा देखूँ
परवीन शाकिर द्वारा
اپنی رسوائی ترے نام کا چرچا دیکھوں
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आवाज़ के हम राह सरापा भी तो देखूँ
परवीन शाकिर द्वारा
آواز کے ہم راہ سراپا بھی تو دیکھوں
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दिल ने किया है क़स्द-ए-सफ़र घर समेट लो
जौन एलिया द्वारा
دل نے کیا ہے قصد سفر گھر سمیٹ لو
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