ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

अक़ीदत

सभी 4अशआर 0ग़ज़ल 4
ग़ज़ल4
मैं फ़क़त चलती रही मंज़िल को सर उस ने किया
میں فقط چلتی رہی منزل کو سر اس نے کیا
वह आश्ना-ए-मंज़िल-ए-उर्फ़ान हुआ नहीं
وہ آشنائے منزلِ عرفاں ہوا نہیں
सवाद-ए-शहर-ए-मदीना के रूबरू होना
سواد شہر مدینہ کے روبرو ہونا
तुम अपने शिकवे की बातें न खोद खोद के पूछो
تم اپنے شکوے کی باتیں نہ کھود کھود کے پوچھو
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview