ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
बे-सबाती
सभी
94
अशआर
0
ग़ज़ल
94
ग़ज़ल
94
0
हस्ती अपनी हबाब की सी है
ہستی اپنی حباب کی سی ہے
0
शर्ह-ए-बेदर्दी-ए-हालात न होने पाई
شرح بے دردئ حالات نہ ہونے پائی
0
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
دونوں جہان تیری محبت میں ہار کے
0
हम आँधियों के बन में किसी कारवाँ के थे
ہم آندھیوں کے بن میں کسی کارواں کے تھے
0
ये शहर सहर ज़दा है सदा किसी की नहीं
یہ شہر سحر زدہ ہے صدا کسی کی نہیں
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें