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हस्ती अपनी हबाब की सी है
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہستی اپنی حباب کی سی ہے
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शर्ह-ए-बेदर्दी-ए-हालात न होने पाई
فیض احمد فیض द्वारा
شرح بے دردئ حالات نہ ہونے پائی
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दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
فیض احمد فیض द्वारा
دونوں جہان تیری محبت میں ہار کے
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हम आँधियों के बन में किसी कारवाँ के थे
जौन एलिया द्वारा
ہم آندھیوں کے بن میں کسی کارواں کے تھے
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ये शहर सहर ज़दा है सदा किसी की नहीं
अहमद फ़राज़ द्वारा
یہ شہر سحر زدہ ہے صدا کسی کی نہیں
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सैर के क़ाबिल है दिल सद-पारा उस नख़चीर का
मीर तक़ी मीर द्वारा
سیر کے قابل ہے دل صد پارہ اس نخچیر کا
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न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं
जौन एलिया द्वारा
نہ ہوا نصیب قرار جاں ہوس قرار بھی اب نہیں
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शोला था जल बुझा हूँ हवाएँ मुझे न दो
अहमद फ़राज़ द्वारा
شعلہ تھا جل بجھا ہوں ہوائیں مجھے نہ دو
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हम तुझ से किस हवस की फ़लक जुस्तुजू करें
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
ہم تجھ سے کس ہوس کی فلک جستجو کریں
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दिल-ओ-दिमाग़ है अब किस को ज़िंदगानी का
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل و دماغ ہے اب کس کو زندگانی کا
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नाले का आज दिल से फिर लब तलक गुज़र है
मीर तक़ी मीर द्वारा
نالے کا آج دل سے پھر لب تلک گزر ہے
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तारा तारा उतर रही है रात समंदर में
Amjad Islam Amjad द्वारा
تارا تارا اتر رہی ہے رات سمندر میں
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मत हो मग़रूर ऐ कि तुझ में ज़ोर है
मीर तक़ी मीर द्वारा
مت ہو مغرور اے کہ تجھ میں زور ہے
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हम ने जाना था सुख़न होंगे ज़बाँ पर कितने
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہم نے جانا تھا سخن ہوں گے زباں پر کتنے
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मुस्तौजिब-ए-ज़ुल्म-ओ-सितम-ओ-जौर-ओ-जफ़ा हूँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
مستوجب ظلم و ستم و جور و جفا ہوں
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किसी से अहद-ओ-पैमाँ कर न रहियो
जौन एलिया द्वारा
کسی سے عہد و پیماں کر نہ رہیو
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आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
अहमद फ़राज़ द्वारा
آنکھ سے دور نہ ہو دل سے اتر جائے گا
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आह और अश्क ही सदा है याँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
آہ اور اشک ہی سدا ہے یاں
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नाज़-ए-चमन वही है बुलबुल से गो ख़िज़ां है
मीर तक़ी मीर द्वारा
ناز چمن وہی ہے بلبل سے گو خزاں ہے
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याँ सरकशाँ जो साहिब-ए-ताज-ओ-लवा हुए
मीर तक़ी मीर द्वारा
یاں سرکشاں جو صاحب تاج و لوا ہوئے
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