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कभी रक़्स-ए-शाम-ए-बहार में उसे देखते
Amjad Islam Amjad द्वारा
کبھی رقص شام بہار میں اسے دیکھتے
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थे ख़्वाब एक हमारे भी और तुम्हारे भी
Amjad Islam Amjad द्वारा
تھے خواب ایک ہمارے بھی اور تمہارے بھی
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खेल उस ने दिखा के जादू के
Amjad Islam Amjad द्वारा
کھیل اس نے دکھا کے جادو کے
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मुवा मैं सजदे में पर नक़्श मेरा बार रहा
मीर तक़ी मीर द्वारा
موا میں سجدے میں پر نقش میرا بار رہا
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दो दिन से कुछ बनी थी सो फिर शब बिगड़ गई
मीर तक़ी मीर द्वारा
دو دن سے کچھ بنی تھی سو پھر شب بگڑ گئی
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दिन नहीं रात नहीं सुब्ह नहीं शाम नहीं
मीर तक़ी मीर द्वारा
دن نہیں رات نہیں صبح نہیں شام نہیں
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उस के कूचे से जो उठ अहल-ए-वफ़ा जाते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
اس کے کوچے سے جو اٹھ اہل وفا جاتے ہیں
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रात गुज़रे है मुझे नज़्अ में रोते रोते
मीर तक़ी मीर द्वारा
رات گزرے ہے مجھے نزع میں روتے روتے
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तिरे इश्क़ में आगे सौदा हुआ था
मीर तक़ी मीर द्वारा
ترے عشق میں آگے سودا ہوا تھا
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जुस्तजू खोए हुओं की उम्र भर करते रहे
परवीन शाकिर द्वारा
جستجو کھوئے ہوؤں کی عمر بھر کرتے رہے
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नम हैं पलकें तिरी ऐ मौज-ए-हवा रात के साथ
परवीन शाकिर द्वारा
نم ہیں پلکیں تری اے موج ہوا رات کے ساتھ
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वो अक्स मौजा-ए-गुल था चमन चमन में रहा
परवीन शाकिर द्वारा
وہ عکس موجۂ گل تھا چمن چمن میں رہا
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कल चमन में गुल-ओ-समन देखा
मीर तक़ी मीर द्वारा
کل چمن میں گل و سمن دیکھا
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क्या तरह है आश्ना गाहे गहे ना आश्ना
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا طرح ہے آشنا گاہے گہے نا آشنا
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तंग आए हैं दिल इस जी से उठा बैठें गे
मीर तक़ी मीर द्वारा
تنگ آئے ہیں دل اس جی سے اٹھا بیٹھیں گے
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तुझ में पड़ा हुआ हूँ हरकत नहीं है मुझ में
जौन एलिया द्वारा
تجھ میں پڑا ہوا ہوں حرکت نہیں ہے مجھ میں
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बज़्म से जब निगार उठता है
जौन एलिया द्वारा
بزم سے جب نگار اٹھتا ہے
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शाख़-ए-उम्मीद जल गई होगी
जौन एलिया द्वारा
شاخ امید جل گئی ہوگی
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दौलत-ए-दहर सब लुटाई है
जौन एलिया द्वारा
دولت دہر سب لٹائی ہے
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वो जो था वो कभी मिला ही नहीं
जौन एलिया द्वारा
وہ جو تھا وہ کبھی ملا ہی نہیں
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