ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
ग़म-ए-इश्क़
सभी
128
अशआर
0
ग़ज़ल
128
ग़ज़ल
128
0
जाँ गुदाज़ इतनी कहाँ आवाज़ ऊद-ओ-चंग है
جاں گداز اتنی کہاں آواز عود و چنگ ہے
0
इश्क़ मन्नत-कश-ए-क़रार नहीं
عشق منت کش قرار نہیں
0
उस ने सुकूत-ए-शब में भी अपना पयाम रख दिया
اس نے سکوت شب میں بھی اپنا پیام رکھ دیا
0
बाग़-ए-आलम में रहे शादी-ओ-मातम की तरह
باغ عالم میں رہے شادی و ماتم کی طرح
0
सोज़-ए-ग़म-ए-फ़िराक़ से दिल को बचाए कौन
سوز غم فراق سے دل کو بچائے کون
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें