ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
ग़म
सभी
204
अशआर
0
ग़ज़ल
204
ग़ज़ल
204
0
क्या मुसीबत-ज़दा दिल माइल-ए-आज़ार न था
کیا مصیبت زدہ دل مائل آزار نہ تھا
0
वो देखने हमें टुक बीमारी में न आया
وہ دیکھنے ہمیں ٹک بیماری میں نہ آیا
0
चराग़ राह बुझा क्या कि रहनुमा भी गया
چراغ راہ بجھا کیا کہ رہنما بھی گیا
0
जला दिया शजर-ए-जाँ के सब्ज़ बख़्त न था
جلا دیا شجر جاں کہ سبز بخت نہ تھا
0
उसी में ख़ुश हूँ मिरा दुख कोई तो सहता है
اسی میں خوش ہوں مرا دکھ کوئی تو سہتا ہے
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें