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मेरी लौ लगी है तुझसे ग़म-ए-ज़िंदगी मिटा दे
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
مری لو لگی ہے تجھ سے غم زندگی مٹا دے
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हाँ वही इश्क़-ओ-मोहब्बत की जला होती है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
ہاں وہی عشق و محبت کی جلا ہوتی ہے
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न देर में न हरम में जबीं झुकी होगी
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
نہ دیر میں نہ حرم میں جبیں جھکی ہوگی
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हरम है क्या चीज़ देर क्या है किसी पे मेरी नज़र नहीं है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
حرم ہے کیا چیز دیر کیا ہے کسی پہ میری نظر نہیں ہے
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यह तमन्ना है कि इस तरह मुसलमान होता
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
یہ تمنا ہے کہ اس طرح مسلماں ہوتا
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अब तसव्वुर में हरम है न सनम ख़ाना है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
اب تصور میں حرم ہے نہ صنم خانہ ہے
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ऐ सनम तू सनम है निराला
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
اے صنم تو صنم ہے نرالا
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तेरी नज़रों पे तसद्दुक़ आज अहल-ए-होश हैं
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
تیری نظروں پہ تصدق آج اہل ہوش ہیں
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किस तरह छोड़ दूं ऐ यार मैं चाहत तेरी
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
کس طرح چھوڑ دوں اے یار میں چاہت تیری
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दिल में ले के कशिश बंदगी की इश्क़ को आज़मा कर तो देखो
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
دل میں لے کے کشش بندگی کی عشق کو آزما کر تو دیکھو
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इश्क़-ए-सनम नमाज़ है है यही ज़िंदगी मिरी
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
عشق صنم نماز ہے ہے یہی زندگی مری
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वह आश्ना-ए-मंज़िल-ए-उर्फ़ान हुआ नहीं
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
وہ آشنائے منزلِ عرفاں ہوا نہیں
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मुझ को दुनिया के हर इक ग़म से छुड़ा रखा है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
مجھ کو دنیا کے ہر اک غم سے چھڑا رکھا ہے
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तेरे दर से न उठा हूँ न उठूँगा ऐ दोस्त
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
تیرے در سے نہ اٹھا ہوں نہ اٹھوں گا اے دوست
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वह और होंगे जिन को हरम की तलाश है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
وہ اور ہوں گے جن کو حرم کی تلاش ہے
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तेरा ग़म रहे सलामत यही मेरी ज़िंदगी है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
ترا غم رہے سلامت یہی میری زندگی ہے
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