ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
इंतज़ार
सभी
74
अशआर
0
ग़ज़ल
74
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
चश्म-ए-मैगूं ज़रा इधर कर दे
فیض احمد فیض द्वारा
چشم میگوں ذرا ادھر کر دے
0
कितनी सरकश भी हो सरफिरी यह हवा रखना रोशन दिया
Amjad Islam Amjad द्वारा
کتنی سرکش بھی ہو سرپھری یہ ہوا رکھنا روشن دیا
0
मेरे संग मज़ार पर फ़रहाद
मीर तक़ी मीर द्वारा
میرے سنگ مزار پر فرہاد
0
रही निगुफ़्ता मेरे दिल में दास्तान मेरी
मीर तक़ी मीर द्वारा
رہی نگفتہ مرے دل میں داستاں میری
0
आगे जमाल-ए-यार के माज़ूर हो गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
آگے جمال یار کے معذور ہو گیا
0
गरमी-ए-शौक़-ए-नज़ारा का असर तू देखो
فیض احمد فیض द्वारा
گرمئ شوق نظارہ کا اثر تو دیکھو
0
नसीब आज़माने के दिन आ रहे हैं
فیض احمد فیض द्वारा
نصیب آزمانے کے دن آ رہے ہیں
0
कहीं सकूं न मिला दिल को बज़्म-ए-यार के बाद
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
کہیں سکوں نہ ملا دل کو بزم یار کے بعد
0
कब ठहरे गा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी
فیض احمد فیض द्वारा
کب ٹھہرے گا درد اے دل کب رات بسر ہوگی
0
शायद उस सादा ने रक्खा है ख़त
मीर तक़ी मीर द्वारा
شاید اس سادہ نے رکھا ہے خط
0
सब्ज़ मौसम की ख़बर ले के हवा आई हो
परवीन शाकिर द्वारा
سبز موسم کی خبر لے کے ہوا آئی ہو
0
हैं बाद मिरे मर्ग के आसार से अब तक
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہیں بعد مرے مرگ کے آثار سے اب تک
0
कब तक दिल की खैर मनाएं कब तक रह दिखलाओगे
فیض احمد فیض द्वारा
کب تک دل کی خیر منائیں کب تک رہ دکھلاؤ گے
0
सुबह की आज जो रंगत है वह पहले तो न थी
فیض احمد فیض द्वारा
صبح کی آج جو رنگت ہے وہ پہلے تو نہ تھی
0
तुझे पुकारा है बे-इरादा
فیض احمد فیض द्वारा
تجھے پکارا ہے بے ارادہ
0
तुम को हम ख़ाक नशीनों का ख़याल आने तक
قمر جلالوی द्वारा
تم کو ہم خاک نشینوں کا خیال آنے تک
0
कब तक तू इम्तिहाँ में मुझ से जुदा रहेगा
मीर तक़ी मीर द्वारा
کب تک تو امتحاں میں مجھ سے جدا رہے گا
0
वहशत थी हमें भी वही घर बार से अब तक
मीर तक़ी मीर द्वारा
وحشت تھی ہمیں بھی وہی گھر بار سے اب تک
0
गुल-ओ-बुलबुल बहार में देखा
मीर तक़ी मीर द्वारा
گل و بلبل بہار میں دیکھا
0
ता ब-मक़दूर इंतज़ार किया
मीर तक़ी मीर द्वारा
تا بہ مقدور انتظار کیا
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें