ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
इश्क़-ए-हक़ीक़ी
सभी
14
अशआर
0
ग़ज़ल
14
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
हरम है क्या चीज़ देर क्या है किसी पे मेरी नज़र नहीं है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
حرم ہے کیا چیز دیر کیا ہے کسی پہ میری نظر نہیں ہے
0
ऐ सनम देर न कर अंजुमन आरा हो जा
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
اے صنم دیر نہ کر انجمن آرا ہو جا
0
हम आप ही को अपना मक़सूद जानते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہم آپ ہی کو اپنا مقصود جانتے ہیں
0
तुम हो शरीक-ए-ग़म तो मुझे कोई ग़म नहीं
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
تم ہو شریک غم تو مجھے کوئی غم نہیں
0
अब तसव्वुर में हरम है न सनम ख़ाना है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
اب تصور میں حرم ہے نہ صنم خانہ ہے
0
तेरी नज़रों पे तसद्दुक़ आज अहल-ए-होश हैं
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
تیری نظروں پہ تصدق آج اہل ہوش ہیں
0
दिल में ले के कशिश बंदगी की इश्क़ को आज़मा कर तो देखो
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
دل میں لے کے کشش بندگی کی عشق کو آزما کر تو دیکھو
0
किस तरह छोड़ दूं ऐ यार मैं चाहत तेरी
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
کس طرح چھوڑ دوں اے یار میں چاہت تیری
0
मुझ को दुनिया के हर इक ग़म से छुड़ा रखा है
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
مجھ کو دنیا کے ہر اک غم سے چھڑا رکھا ہے
0
जग में आ कर इधर उधर देखा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
جگ میں آ کر ادھر ادھر دیکھا
0
अर्ज़-ओ-समा कहाँ तेरी वुसअत को पा सके
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
ارض و سما کہاں تری وسعت کو پا سکے
0
दिल साफ़ हो तो जल्वा गह-ए-यार क्यों न हो
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل صاف ہو تو جلوہ گہہ یار کیوں نہ ہو
0
अब हाल अपना उस के है दिल-ख़्वाह
मीर तक़ी मीर द्वारा
اب حال اپنا اس کے ہے دل خواہ
0
मुझे दर से अपने तो टाले है यह बता मुझे तू कहाँ नहीं
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
مجھے در سے اپنے تو ٹالے ہے یہ بتا مجھے تو کہاں نہیں
कवियों की सूची
कवियों
और जानें