ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
इश्क़
सभी
228
अशआर
0
ग़ज़ल
228
ग़ज़ल
228
0
ख़ुशी की बात है या दुख का मंज़र देख सकती हूँ
خوشی کی بات ہے یا دکھ کا منظر دیکھ سکتی ہوں
0
दिल के म'मूरे की मत कर फ़िक्र फ़ुर्सत चाहिए
دل کے معمورے کی مت کر فکر فرصت چاہیے
0
ग़लत है इश्क़ में ऐ बुलहवस अंदेशा राहत का
غلط ہے عشق میں اے بوالہوس اندیشہ راحت کا
0
दिल इश्क़ का हमेशा हरीफ़-ए-नबर्द था
دل عشق کا ہمیشہ حریف نبرد تھا
0
गुज़र जान से और डर कुछ नहीं
گزر جان سے اور ڈر کچھ نہیں
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें