ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
इश्क़
सभी
228
अशआर
0
ग़ज़ल
228
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
ख़त से वो ज़ोर-ए-सफ़ाई-ए-हुस्n अब कम हो गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
خط سے وہ زور صفائے حسن اب کم ہو گیا
0
क़यामत हैं ये चुस्पाँ जामे वाले
मीर तक़ी मीर द्वारा
قیامت ہیں یہ چسپاں جامے والے
0
न इक याक़ूब रोया उस अलम में
मीर तक़ी मीर द्वारा
نہ اک یعقوب رویا اس الم میں
0
हुसूल काम का दिल-ख़्वाह याँ हुआ भी है
मीर तक़ी मीर द्वारा
حصول کام کا دل خواہ یاں ہوا بھی ہے
0
हाए जानाना की मेहमाँ दारियाँ
जौन एलिया द्वारा
ہائے جانانہ کی مہماں داریاں
0
जल्वा जो तेरे रुख़ का एहसास में ढल जाए
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
جلوہ جو ترے رخ کا احساس میں ڈھل جائے
0
शब ख़ुमार-ए-शौक़-ए-साक़ी रस्तख़ेज़ अंदाज़ा था
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
شب خمار شوق ساقی رستخیز اندازہ تھا
0
वो मिरी चीन-ए-जबीं से ग़म-ए-पिन्हाँ समझा
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
وہ مری چین جبیں سے غم پنہاں سمجھا
0
जब से ख़त है सियाह ख़ाल की थांग
मीर तक़ी मीर द्वारा
جب سے خط ہے سیاہ خال کی تھانگ
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें