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जीते जी कूचए-दिल-दार से जाया न गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
جیتے جی کوچۂ دل دار سے جایا نہ گیا
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आप की याद आती रही रात भर
فیض احمد فیض द्वारा
آپ کی یاد آتی رہی رات بھر
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माइल-ब-करम मुझ पर हो जाएं तो अच्छा हो
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
مائل بہ کرم مجھ پر ہو جائیں تو اچھا ہو
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आलम में कोई दिल का तलबगार न पाया
मीर तक़ी मीर द्वारा
عالم میں کوئی دل کا طلب گار نہ پایا
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इश्क़ हमारे ख़याल पड़ा है
मीर तक़ी मीर द्वारा
عشق ہمارے خیال پڑا ہے
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तरे ग़म को जां की तलाश थी तरे जां-निसार चले गए
فیض احمد فیض द्वारा
ترے غم کو جاں کی تلاش تھی ترے جاں نثار چلے گئے
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फिर हरीफ़-ए-बहार हो बैठे
فیض احمد فیض द्वारा
پھر حریفِ بہار ہو بیٹھے
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हम से कुछ आगे ज़माने में हुआ क्या क्या कुछ
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہم سے کچھ آگے زمانے میں ہوا کیا کیا کچھ
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गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले
فیض احمد فیض द्वारा
گلوں میں رنگ بھرے باد نوبہار چلے
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उधर से अब्र उठ कर जो गया है
मीर तक़ी मीर द्वारा
ادھر سے ابر اٹھ کر جو گیا ہے
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है ग़ज़ल मीरؔ यह शफ़ाईؔ की
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہے غزل میرؔ یہ شفائیؔ کی
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