ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
जुनूं
सभी
51
अशआर
0
ग़ज़ल
51
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
नई तर्ज़ों से मयख़ाने में रंग-ए-मय झलकता था
मीर तक़ी मीर द्वारा
نئی طرزوں سے میخانے میں رنگ مے جھلکتا تھا
0
अजब इक तौर है जो हम सितम ईजाद रखें
जौन एलिया द्वारा
عجب اک طور ہے جو ہم ستم ایجاد رکھیں
0
जब जुनूँ से हमें तवस्सुल था
मीर तक़ी मीर द्वारा
جب جنوں سے ہمیں توسل تھا
0
हम तेरा हिज्र मनाने के लिए निकले हैं
जौन एलिया द्वारा
ہم ترا ہجر منانے کے لیے نکلے ہیں
0
मुझे ग़र्ज़ है मेरी जान ग़ुल मचाने से
जौन एलिया द्वारा
مجھے غرض ہے مری جان غل مچانے سے
0
तिरे ग़ुरूर का हुलिया बिगाड़ डालूँगा
जौन एलिया द्वारा
ترے غرور کا حلیہ بگاڑ ڈالوں گا
0
हवास में तो न थे फिर भी क्या न कर आए
जौन एलिया द्वारा
حواس میں تو نہ تھے پھر بھی کیا نہ کر آئے
0
मोहब्बत का जब रोज़ बाज़ार होगा
मीर तक़ी मीर द्वारा
محبت کا جب روز بازار ہوگا
0
ख़त से वो ज़ोर-ए-सफ़ाई-ए-हुस्n अब कम हो गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
خط سے وہ زور صفائے حسن اب کم ہو گیا
0
क्या मैं ने रो कर फ़िशार-ए-गरेबाँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا میں نے رو کر فشار گریباں
0
हरीफ़-ए-मतलब-ए-मुश्किल नहीं फ़ुसून-ए-नियाज़
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
حریف مطلب مشکل نہیں فسون نیاز
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें