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दिल जो ज़ेर-ए-ग़ुबार अक्सर था
دل جو زیر غبار اکثر تھا
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कभी जब मुद्दतों के बाद उस का सामना होगा
کبھی جب مدتوں کے بعد اس کا سامنا ہوگا
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हम आँधियों के बन में किसी कारवाँ के थे
ہم آندھیوں کے بن میں کسی کارواں کے تھے
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कुछ मौज-ए-हवा-ए-पेचां ऐ मीर नज़र आई
کچھ موج ہوا پیچاں اے میرؔ نظر آئی
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याद के सहरा में कुछ तो ज़िंदगी आए नज़र
یاد کے صحرا میں کچھ تو زندگی آئے نظر
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