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दिल जो ज़ेर-ए-ग़ुबार अक्सर था
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل جو زیر غبار اکثر تھا
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कभी जब मुद्दतों के बाद उस का सामना होगा
जौन एलिया द्वारा
کبھی جب مدتوں کے بعد اس کا سامنا ہوگا
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हम आँधियों के बन में किसी कारवाँ के थे
जौन एलिया द्वारा
ہم آندھیوں کے بن میں کسی کارواں کے تھے
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कुछ मौज-ए-हवा-ए-पेचां ऐ मीर नज़र आई
मीर तक़ी मीर द्वारा
کچھ موج ہوا پیچاں اے میرؔ نظر آئی
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याद के सहरा में कुछ तो ज़िंदगी आए नज़र
Amjad Islam Amjad द्वारा
یاد کے صحرا میں کچھ تو زندگی آئے نظر
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बंद था दरवाज़ा भी और घर में भी तन्हा था मैं
Amjad Islam Amjad द्वारा
بند تھا دروازہ بھی اور گھر میں بھی تنہا تھا میں
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ज़ब्त कर के हँसी को भूल गया
जौन एलिया द्वारा
ضبط کر کے ہنسی کو بھول گیا
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गाहे गाहे बस अब यही हो क्या
जौन एलिया द्वारा
گاہے گاہے بس اب یہی ہو کیا
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क्या कहें अपनी उस की शब की बात
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا کہیں اپنی اس کی شب کی بات
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जहाँ अब ख़ार-ज़ारें हो गई हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
جہاں اب خار زاریں ہو گئی ہیں
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सोच के गुंबद में उभरी टूटती यादों की गूँज
Amjad Islam Amjad द्वारा
سوچ کے گنبد میں ابھری ٹوٹتی یادوں کی گونج
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एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है
जौन एलिया द्वारा
ایک ہی مژدہ صبح لاتی ہے
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ये मीर सितम कुश्ता किसू वक़्त जवाँ था
मीर तक़ी मीर द्वारा
یہ میرؔ ستم کشتہ کسو وقت جواں تھا
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शब था नालाँ अज़ीज़ कोई था
मीर तक़ी मीर द्वारा
شب تھا نالاں عزیز کوئی تھا
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अब वो घर इक वीराना था बस वीराना ज़िंदा था
जौन एलिया द्वारा
اب وہ گھر اک ویرانہ تھا بس ویرانہ زندہ تھا
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कान लगा कर सुनती रातें बातें करते दिन
Amjad Islam Amjad द्वारा
کان لگا کر سنتی راتیں باتیں کرتے دن
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सुंदर कोमल सपनों की बारात गुज़र गई जानाँ
परवीन शाकिर द्वारा
سندر کومل سپنوں کی بارات گزر گئی جاناں
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क्या दिन थे वे कि याँ भी दिल आरमीदा था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا دن تھے وے کہ یاں بھی دل آرمیدہ تھا
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कब उसका विसाल चाहिए था
जौन एलिया द्वारा
کب اس کا وصال چاہیے تھا
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शौक़ का रंग बुझ गया याद के ज़ख़्म भर गए
जौन एलिया द्वारा
شوق کا رنگ بجھ گیا یاد کے زخم بھر گئے
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