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गए जी से छोटे बुतों की जफ़ा से
मीर तक़ी मीर द्वारा
گئے جی سے چھوٹے بتوں کی جفا سے
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बुरक़ा उठा था रुख़ से मिरे बद-गुमाँ का
मीर तक़ी मीर द्वारा
برقع اٹھا تھا رخ سے مرے بد گمان کا
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बज़्म में जो तेरा ज़हूर नहीं
मीर तक़ी मीर द्वारा
بزم میں جو ترا ظہور نہیں
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मेहर की तुझ से तवक़्क़ो थी सितम-गर निकला
मीर तक़ी मीर द्वारा
مہر کی تجھ سے توقع تھی ستم گر نکلا
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मानिंद-ए-शम्अ-ए-मजलिस-ए-शब अश्कबार पाया
मीर तक़ी मीर द्वारा
مانند شمع مجلس شب اشکبار پایا
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तिरे इश्क़ में आगे सौदा हुआ था
मीर तक़ी मीर द्वारा
ترے عشق میں آگے سودا ہوا تھا
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रहे ख़याल तनक हम भी रू सियाहों का
मीर तक़ी मीर द्वारा
رہے خیال تنک ہم بھی رو سیاہوں کا
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मैं और बज़्म-ए-मय से यूँ तिश्ना-काम आऊँ
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
میں اور بزم مے سے یوں تشنہ کام آؤں
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है बज़्म-ए-बुताँ में सुख़न आज़ुर्दा लबों से
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
ہے بزم بتاں میں سخن آزردہ لبوں سے
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क़ैद में गुज़रेगी जो उम्र बड़े काम की थी
परवीन शाकिर द्वारा
قید میں گزرے گی جو عمر بڑے کام کی تھی
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गूँगे लबों पे हर्फ़-ए-तमन्ना किया मुझे
परवीन शाकिर द्वारा
گونگے لبوں پہ حرف تمنا کیا مجھے
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वह मजबूरी नहीं थी यह अदाकारी नहीं है
परवीन शाकिर द्वारा
وہ مجبوری نہیں تھی یہ اداکاری نہیں ہے
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तड़पना भी देखा न बिस्मिल का अपने
मीर तक़ी मीर द्वारा
تڑپنا بھی دیکھا نہ بسمل کا اپنے
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दिल पहुँचा हलाकी को निपट खेंच कसाला
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل پہنچا ہلاکی کو نپٹ کھینچ کسالا
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दावे को यार आगे मयूब कर चुके हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
دعوے کو یار آگے معیوب کر چکے ہیں
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क्या तरह है आश्ना गाहे गहे ना आश्ना
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا طرح ہے آشنا گاہے گہے نا آشنا
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समझे थे मीरؔ हम कि यह नासूर कम हुआ
मीर तक़ी मीर द्वारा
سمجھے تھے میرؔ ہم کہ یہ ناسور کم ہوا
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ग़ैरों से मिल चले तुम मस्त शराब हो कर
मीर तक़ी मीर द्वारा
غیروں سے مل چلے تم مست شراب ہو کر
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गुज़रा बना-ए-चर्ख़ से नाला पगाह का
मीर तक़ी मीर द्वारा
گزرا بنائے چرخ سے نالہ پگاہ کا
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खोवें हैं नींद मेरी मुसीबत बयानियां
मीर तक़ी मीर द्वारा
کھوویں ہیں نیند میری مصیبت بیانیاں
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