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राह-ए-दूर-ए-इश्क़ में रोता है क्या
मीर तक़ी मीर द्वारा
راہ دور عشق میں روتا ہے کیا
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रफ़्तगां में जहां के हम भी हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
رفتگاں میں جہاں کے ہم بھی ہیں
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लज़्ज़त से नहीं ख़ाली जानों का खपा जाना
मीर तक़ी मीर द्वारा
لذت سے نہیں خالی جانوں کا کھپا جانا
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जैसे हम बज़्म हैं फिर यार-ए-तरह-दार से हम
فیض احمد فیض द्वारा
جیسے ہم بزم ہیں پھر یار طرح دار سے ہم
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होती है गरचह कहने से यारो पराई बात
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہوتی ہے گرچہ کہنے سے یارو پرائی بات
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अब जो इक हसरत-ए-जवानी है
मीर तक़ी मीर द्वारा
اب جو اک حسرت جوانی ہے
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क्या कहें अपनी उस की शब की बात
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا کہیں اپنی اس کی شب کی بات
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लहू में तैरते फिरते मलाल से कुछ हैं
Amjad Islam Amjad द्वारा
لہو میں تیرتے پھرتے ملال سے کچھ ہیں
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आदमी वक़्त पर गया होगा
जौन एलिया द्वारा
آدمی وقت پر گیا ہوگا
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ग़ुबार-ए-दश्त-ए-तलब में हैं रफ़्तगाँ क्या क्या
Amjad Islam Amjad द्वारा
غبار دشت طلب میں ہیں رفتگاں کیا کیا
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हवाएँ लाख चलें लौ सँभलती रहती है
Amjad Islam Amjad द्वारा
ہوائیں لاکھ چلیں لو سنبھلتی رہتی ہے
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दूरियाँ सिमटने में देर कुछ तो लगती है
Amjad Islam Amjad द्वारा
دوریاں سمٹنے میں دیر کچھ تو لگتی ہے
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निकल के हल्क़ा-ए-शाम-ओ-सहर से जाएँ कहीं
Amjad Islam Amjad द्वारा
نکل کے حلقۂ شام و سحر سے جائیں کہیں
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आँखों से इक ख़्वाब गुज़रने वाला है
Amjad Islam Amjad द्वारा
آنکھوں سے اک خواب گزرنے والا ہے
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रमक़ एक जान वबाल है कोई दम जो है तो अज़ाब है
मीर तक़ी मीर द्वारा
رمق ایک جان وبال ہے کوئی دم جو ہے تو عذاب ہے
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ये गर्द-बाद-ए-तमन्ना में घूमते हुए दिन
Amjad Islam Amjad द्वारा
یہ گرد باد تمنا میں گھومتے ہوئے دن
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रफ़्तार-ए-उम्र क़त-ए-रह-ए-इज़्तिराब है
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
رفتار عمر قطع رہ اضطراب ہے
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दिल की हर बात ध्यान में गुज़री
जौन एलिया द्वारा
دل کی ہر بات دھیان میں گزری
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