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मैं भी दुनिया में हूँ इक नाला-ए-परेशाँ यक जा
मीर तक़ी मीर द्वारा
میں بھی دنیا میں ہوں اک نالہ پریشاں یک جا
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जो ज़िंदगी बची है उसे मत गँवाइए
जौन एलिया द्वारा
جو زندگی بچی ہے اسے مت گنوائیے
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मेरे दाग़-ए-दिल वो चराग़ हैं नहीं निस्बतें जिन्हें शाम से
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
مرے داغ دل وہ چراغ ہیں نہیں نسبتیں جنہیں شام سے
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ये दर्द-ए-हिज्र और उस पर सहर नहीं होती
قمر جلالوی द्वारा
یہ درد ہجر اور اس پر سحر نہیں ہوتی
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तेरा क़ुर्ब था कि फ़िराक़ था वही तेरी जल्वा-गरी रही
अहमद फ़राज़ द्वारा
ترا قرب تھا کہ فراق تھا وہی تیری جلوہ گری رہی
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जब यार ने रख़्त-ए-सफ़र बाँधा
अहमद फ़राज़ द्वारा
جب یار نے رخت سفر باندھا
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रात में इस कशमकश में एक पल सोया नहीं
Amjad Islam Amjad द्वारा
رات میں اس کشمکش میں ایک پل سویا نہیں
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ये और बात है तुझ से गिला नहीं करते
Amjad Islam Amjad द्वारा
یہ اور بات ہے تجھ سے گلا نہیں کرتے
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उन ने किया था याद मुझे भूल कर कहीं
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
ان نے کیا تھا یاد مجھے بھول کر کہیں
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ऐ गुल नौ दमीदा के मानिंद
मीर तक़ी मीर द्वारा
اے گل نو دمیدہ کے مانند
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ग़ाफ़िल ब वहम-ए-नाज़ ख़ुद-आरा है वर्ना याँ
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
غافل بہ وہم ناز خود آرا ہے ورنہ یاں
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अफ़सोस कि दंदाँ का किया रिज़्क़ फ़लक ने
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
افسوس کہ دنداں کا کیا رزق فلک نے
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डसने लगे हैं ख़्वाब मगर किस से बोलिए
परवीन शाकिर द्वारा
ڈسنے لگے ہیں خواب مگر کس سے بولئے
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थक गया है दिल-ए-वहशी मिरा फ़रियाद से भी
परवीन शाकिर द्वारा
تھک گیا ہے دل وحشی مرا فریاد سے بھی
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गूँगे लबों पे हर्फ़-ए-तमन्ना किया मुझे
परवीन शाकिर द्वारा
گونگے لبوں پہ حرف تمنا کیا مجھے
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पुश्त-ए-पा मारी बस-कि दुनिया पर
मीर तक़ी मीर द्वारा
پشت پا ماری بسکہ دنیا پر
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तड़पना भी देखा न बिस्मिल का अपने
मीर तक़ी मीर द्वारा
تڑپنا بھی دیکھا نہ بسمل کا اپنے
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दिल पहुँचा हलाकी को निपट खेंच कसाला
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل پہنچا ہلاکی کو نپٹ کھینچ کسالا
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जिन्स-ए-गिराँ को तुझ से जो लोग चाहते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
جنس گراں کو تجھ سے جو لوگ چاہتے ہیں
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शाख़-ए-उम्मीद जल गई होगी
जौन एलिया द्वारा
شاخ امید جل گئی ہوگی
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