ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
दर्द
सभी
123
अशआर
0
ग़ज़ल
123
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
अजब इक तौर है जो हम सितम ईजाद रखें
जौन एलिया द्वारा
عجب اک طور ہے جو ہم ستم ایجاد رکھیں
0
यक-ब-यक शोरिश-ए-फ़ुग़ां की तरह
فیض احمد فیض द्वारा
یک بیک شورش فغاں کی طرح
0
दिल में अब ताक़त कहाँ ख़ूँ नाबा अफ़शानी करे
अहमद फ़राज़ द्वारा
دل میں اب طاقت کہاں خوں نابہ افشانی کرے
0
जग में कोई न टुक हँसा होगा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
جگ میں کوئی نہ ٹک ہنسا ہوگا
0
गिला नहीं है हमें अपनी जाँ-गुदाज़ी का
मीर तक़ी मीर द्वारा
گلا نہیں ہے ہمیں اپنی جاں گدازی کا
0
रहता है हड्डियों से मिरी जो हुमा लगा
मीर तक़ी मीर द्वारा
رہتا ہے ہڈیوں سے مری جو ہما لگا
0
कई दिन सुलूक-ए-विदाअ का मिरे दर-पय-ए-दिल-ए-ज़ार था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کئی دن سلوک وداع کا مرے درپے دل زار تھا
0
दुआ का टूटा हुआ हर्फ़ सर्द आह में है
परवीन शाकिर द्वारा
دعا کا ٹوٹا ہوا حرف سرد آہ میں ہے
0
बहुत रोया वो हम को याद कर के
परवीन शाकिर द्वारा
بہت رویا وہ ہم کو یاد کر کے
0
कमाल-ए-ज़ब्त को ख़ुद भी तो आज़माऊँगी
परवीन शाकिर द्वारा
کمال ضبط کو خود بھی تو آزماؤں گی
0
लम्हे लम्हे की ना-रसाई है
जौन एलिया द्वारा
لمحے لمحے کی نارسائی ہے
0
मसनद-ए-ग़म पे जच रहा हूँ मैं
जौन एलिया द्वारा
مسند غم پہ جچ رہا ہوں میں
0
जिस से ये तबीयत बड़ी मुश्किल से लगी थी
अहमद फ़राज़ द्वारा
جس سے یہ طبیعت بڑی مشکل سے لگی تھی
0
मिज़ाज हम से ज़्यादा जुदा न था उस का
अहमद फ़राज़ द्वारा
مزاج ہم سے زیادہ جدا نہ تھا اس کا
0
तश्हीर अपने दर्द की हर सू कराइए
Amjad Islam Amjad द्वारा
تشہیر اپنے درد کی ہر سو کرائیے
0
वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा
परवीन शाकिर द्वारा
وہ تو خوش بو ہے ہواؤں میں بکھر جائے گا
0
कोई हुआ न रोकश टुक मेरी चश्म-ए-तर से
मीर तक़ी मीर द्वारा
کوئی ہوا نہ روکش ٹک میری چشم تر سے
0
क़यामत हैं ये चुस्पाँ जामे वाले
मीर तक़ी मीर द्वारा
قیامت ہیں یہ چسپاں جامے والے
0
हुसूल काम का दिल-ख़्वाह याँ हुआ भी है
मीर तक़ी मीर द्वारा
حصول کام کا دل خواہ یاں ہوا بھی ہے
0
क्या मैं ने रो कर फ़िशार-ए-गरेबाँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا میں نے رو کر فشار گریباں
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें