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याँ सरकशाँ जो साहिब-ए-ताज-ओ-लवा हुए
मीर तक़ी मीर द्वारा
یاں سرکشاں جو صاحب تاج و لوا ہوئے
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ख़ूब है शौक़ का यह पहलू भी
जौन एलिया द्वारा
خوب ہے شوق کا یہ پہلو بھی
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एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है
जौन एलिया द्वारा
ایک ہی مژدہ صبح لاتی ہے
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तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है
فیض احمد فیض द्वारा
تری امید ترا انتظار جب سے ہے
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जुज़ तेरे कोई भी दिन रात न जाने मेरे
अहमद फ़राज़ द्वारा
جز ترے کوئی بھی دن رات نہ جانے میرے
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तरे निसार न देखी कोई ख़ुशी मैंने
قمر جلالوی द्वारा
ترے نثار نہ دیکھی کوئی خوشی میں نے
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ग़ैरत-ए-इश्क़ सलामत थी अना ज़िंदा थी
अहमद फ़राज़ द्वारा
غیرت عشق سلامت تھی انا زندہ تھی
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फ़क़ीह-ए-शहर की मजलिस से कुछ भला न हुआ
अहमद फ़राज़ द्वारा
فقیہ شہر کی مجلس سے کچھ بھلا نہ ہوا
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बदन में आग है चेहरा गुलाब जैसा है
अहमद फ़राज़ द्वारा
بدن میں آگ ہے چہرہ گلاب جیسا ہے
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है हाल जाए गिर्यः जान पर आरज़ू का
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہے حال جائے گریہ جان پر آرزو کا
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हर्फ़ ताज़ा नई ख़ुशबू में लिखा चाहता है
परवीन शाकिर द्वारा
حرف تازہ نئی خوشبو میں لکھا چاہتا ہے
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दिल पे इक तरफ़ा क़यामत करना
परवीन शाकिर द्वारा
دل پہ اک طرفہ قیامت کرنا
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बेताबियों में तंग हम आए हैं जान से
मीर तक़ी मीर द्वारा
بیتابیوں میں تنگ ہم آئے ہیں جان سے
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फ़िक्र है माह के जो शहर बदर करने की
मीर तक़ी मीर द्वारा
فکر ہے ماہ کے جو شہر بدر کرنے کی
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हमारे ज़ख़्म-ए-तमन्ना पुराने हो गए हैं
जौन एलिया द्वारा
ہمارے زخم تمنا پرانے ہو گئے ہیں
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है बिखरने को यह महफ़िल रंग-ओ-बू, तुम कहाँ जाओगे हम कहाँ जाएँगे
जौन एलिया द्वारा
ہے بکھرنے کو یہ محفل رنگ و بو تم کہاں جاؤ گے ہم کہاں جائیں گے
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे
जौन एलिया द्वारा
کتنے عیش سے رہتے ہوں گے کتنے اتراتے ہوں گے
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सोज़-ए-ग़म-ए-फ़िराक़ से दिल को बचाए कौन
قمر جلالوی द्वारा
سوز غم فراق سے دل کو بچائے کون
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तुझी को जो याँ जल्वा फ़रमा न देखा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
تجھی کو جو یاں جلوہ فرما نہ دیکھا
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वैसा कहाँ है हम से जैसा कि आगे था तू
मीर तक़ी मीर द्वारा
ویسا کہاں ہے ہم سے جیسا کہ آگے تھا تو
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