ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
ग़म
सभी
204
अशआर
0
ग़ज़ल
204
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
शब था नालाँ अज़ीज़ कोई था
मीर तक़ी मीर द्वारा
شب تھا نالاں عزیز کوئی تھا
0
ग़लत है इश्क़ में ऐ बुलहवस अंदेशा राहत का
मीर तक़ी मीर द्वारा
غلط ہے عشق میں اے بوالہوس اندیشہ راحت کا
0
दिल इश्क़ का हमेशा हरीफ़-ए-नबर्द था
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل عشق کا ہمیشہ حریف نبرد تھا
0
मिसाल साया मोहब्बत में जाल अपना हूँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
مثال سایہ محبت میں جال اپنا ہوں
0
गर्म हैं शोर से तुझ हुस्न के बाज़ार कई
मीर तक़ी मीर द्वारा
گرم ہیں شور سے تجھ حسن کے بازار کئی
0
हो आजिज़ कि जिस्म इस क़दर ज़ोर से
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہو عاجز کہ جسم اس قدر زور سے
0
नश्शा-ए-शौक़ रंग में तुझ से जुदाई की गई
जौन एलिया द्वारा
نشۂ شوق رنگ میں تجھ سے جدائی کی گئی
0
बात कोई उम्मीद की मुझ से नहीं कही गई
जौन एलिया द्वारा
بات کوئی امید کی مجھ سے نہیں کہی گئی
0
ख़ून थूकेगी ज़िंदगी कब तक
जौन एलिया द्वारा
خون تھوکے گی زندگی کب تک
0
चलो बाद-ए-बहारी जा रही है
जौन एलिया द्वारा
چلو باد بہاری جا رہی ہے
0
बजा इरशाद फ़रमाया गया है
जौन एलिया द्वारा
بجا ارشاد فرمایا گیا ہے
0
मिज़्गान-ए-तर हूँ या रग-ए-ताक बुरीदा हूँ
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
مژگان تر ہوں یا رگ تاک بریدہ ہوں
0
मुए सहते सहते जफ़ा-कारियाँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
موے سہتے سہتے جفا کاریاں
0
हर दम तरफ़ है वैसे मिज़ाज-ए-करख़्त का
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہر دم طرف ہے ویسے مزاج کرخت کا
0
नाला-ए-अज्ज़ नक़्स-ए-उल्फ़त है
मीर तक़ी मीर द्वारा
نالۂ عجز نقص الفت ہے
0
ख़ंजर ब-कफ़ वो जब से सफ़्फ़ाक हो गया है
मीर तक़ी मीर द्वारा
خنجر بکف وہ جب سے سفاک ہو گیا ہے
0
कल शब-ए-हिज्राँ थी लब पर नाला-ए-बीमाराना था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کل شب ہجراں تھی لب پر نالہ بیمارانہ تھا
0
दिल के तईं आतिश-ए-हिज्राँ से बचाया न गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل کے تیں آتش ہجراں سے بچایا نہ گیا
0
शाम आई तिरी यादों के सितारे निकले
परवीन शाकिर द्वारा
شام آئی تری یادوں کے ستارے نکلے
0
खुलेगी इस नज़र पे चश्म-ए-तर आहिस्ता आहिस्ता
परवीन शाकिर द्वारा
کھلے گی اس نظر پہ چشم تر آہستہ آہستہ
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें