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जोशिश-ए-अश्क से हूँ आठ पहर पानी में
मीर तक़ी मीर द्वारा
جوشش اشک سے ہوں آٹھ پہر پانی میں
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किस हुस्न से कहूँ मैं उस की ख़ुश अख़्तरी की
मीर तक़ी मीर द्वारा
کس حسن سے کہوں میں اس کی خوش اختری کی
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हाल दिल 'मीर' का रो रो के सब ऐ माह सुना
मीर तक़ी मीर द्वारा
حال دل میرؔ کا رو رو کے سب اے ماہ سنا
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ग़ैर ने हम को ज़बह किया ने ताक़त है ने यारा है
मीर तक़ी मीर द्वारा
غیر نے ہم کو ذبح کیا نے طاقت ہے نے یارا ہے
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ख़ूबी का उस की बसके तलबगार हो गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
خوبی کا اس کی بسکہ طلب گار ہو گیا
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कहीं पहुँचो भी मुझ बे-पा-ओ-सर तक
मीर तक़ी मीर द्वारा
کہیں پہنچو بھی مجھ بے پا و سر تک
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मैं भी दुनिया में हूँ इक नाला-ए-परेशाँ यक जा
मीर तक़ी मीर द्वारा
میں بھی دنیا میں ہوں اک نالہ پریشاں یک جا
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तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाज़त हो
जौन एलिया द्वारा
تمہارا ہجر منا لوں اگر اجازت ہو
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दिल कितना आबाद हुआ जब दीद के घर बर्बाद हुए
जौन एलिया द्वारा
دل کتنا آباد ہوا جب دید کے گھر برباد ہوئے
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दिल मुनाफ़िक़ था शब-ए-हिज्र में सोया कैसा
अहमद फ़राज़ द्वारा
دل منافق تھا شب ہجر میں سویا کیسا
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उसने आहिस्ता से जब पुकारा मुझे
Amjad Islam Amjad द्वारा
اس نے آہستہ سے جب پکارا مجھے
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दश्त बे-आब की तरह गुज़री
Amjad Islam Amjad द्वारा
دشت بے آب کی طرح گزری
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पलकों की दहलीज़ पे चमका एक सितारा था
Amjad Islam Amjad द्वारा
پلکوں کی دہلیز پہ چمکا ایک ستارا تھا
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उन ने किया था याद मुझे भूल कर कहीं
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
ان نے کیا تھا یاد مجھے بھول کر کہیں
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दो दिन से कुछ बनी थी सो फिर शब बिगड़ गई
मीर तक़ी मीर द्वारा
دو دن سے کچھ بنی تھی سو پھر شب بگڑ گئی
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न पूछ ख़्वाब ज़ुलैख़ा ने क्या ख़याल लिया
मीर तक़ी मीर द्वारा
نہ پوچھ خواب زلیخا نے کیا خیال لیا
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उस के कूचे से जो उठ अहल-ए-वफ़ा जाते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
اس کے کوچے سے جو اٹھ اہل وفا جاتے ہیں
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सुख़न मुश्ताक़ है आलम हमारा
मीर तक़ी मीर द्वारा
سخن مشتاق ہے عالم ہمارا
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मानिंद-ए-शम्अ-ए-मजलिस-ए-शब अश्कबार पाया
मीर तक़ी मीर द्वारा
مانند شمع مجلس شب اشکبار پایا
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मुझ सा बेताब होवे जब कोई
मीर तक़ी मीर द्वारा
مجھ سا بیتاب ہووے جب کوئی
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