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सुना है हाल तिरे कुश्तगाँ बेचारों का
मीर तक़ी मीर द्वारा
سنا ہے حال ترے کشتگاں بیچاروں کا
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है बज़्म-ए-बुताँ में सुख़न आज़ुर्दा लबों से
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
ہے بزم بتاں میں سخن آزردہ لبوں سے
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कहते हैं बहार आई गुल फूल निकलते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
کہتے ہیں بہار آئی گل پھول نکلتے ہیں
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तेरा घर और मेरा जंगल भीगता है साथ साथ
परवीन शाकिर द्वारा
تیرا گھر اور میرا جنگل بھیگتا ہے ساتھ ساتھ
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वह मजबूरी नहीं थी यह अदाकारी नहीं है
परवीन शाकिर द्वारा
وہ مجبوری نہیں تھی یہ اداکاری نہیں ہے
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कल चमन में गुल-ओ-समन देखा
मीर तक़ी मीर द्वारा
کل چمن میں گل و سمن دیکھا
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आह के तईं दिल हैरान-ओ-ख़फ़ा को सौंपा
मीर तक़ी मीर द्वारा
آہ کے تیں دل حیران و خفا کو سونپا
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बे कसाना जी गिरफ़्तारी से शिवन में रहा
मीर तक़ी मीर द्वारा
بے کسانہ جی گرفتاری سے شیون میں رہا
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पुश्त-ए-पा मारी बस-कि दुनिया पर
मीर तक़ी मीर द्वारा
پشت پا ماری بسکہ دنیا پر
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दामान-ए-कोह में जो मैं ढाढ़ मार रोया
मीर तक़ी मीर द्वारा
دامان کوہ میں جو میں ڈاڑھ مار رویا
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क़ाबू ख़िज़ाँ से ज़ो'फ़ का गुलशन में बन गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
قابو خزاں سے ضعف کا گلشن میں بن گیا
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दिल पहुँचा हलाकी को निपट खेंच कसाला
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل پہنچا ہلاکی کو نپٹ کھینچ کسالا
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दावे को यार आगे मयूब कर चुके हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
دعوے کو یار آگے معیوب کر چکے ہیں
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क्या तरह है आश्ना गाहे गहे ना आश्ना
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا طرح ہے آشنا گاہے گہے نا آشنا
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मुश्किल है होना रोकश रुख़्सार की झलक के
मीर तक़ी मीर द्वारा
مشکل ہے ہونا روکش رخسار کی جھلک کے
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क्या दिन थे वे कि याँ भी दिल आरमीदा था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا دن تھے وے کہ یاں بھی دل آرمیدہ تھا
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समझे थे मीरؔ हम कि यह नासूर कम हुआ
मीर तक़ी मीर द्वारा
سمجھے تھے میرؔ ہم کہ یہ ناسور کم ہوا
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खोवें हैं नींद मेरी मुसीबत बयानियां
मीर तक़ी मीर द्वारा
کھوویں ہیں نیند میری مصیبت بیانیاں
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जिन्स-ए-गिराँ को तुझ से जो लोग चाहते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
جنس گراں کو تجھ سے جو لوگ چاہتے ہیں
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बज़्म से जब निगार उठता है
जौन एलिया द्वारा
بزم سے جب نگار اٹھتا ہے
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