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ज़ब्त कर के हँसी को भूल गया
ضبط کر کے ہنسی کو بھول گیا
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हालत हाल के सबब हालत हाल ही गई
حالت حال کے سبب حالت حال ہی گئی
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हर कोई दिल की हथेली पे है सहरा रखे
ہر کوئی دل کی ہتھیلی پہ ہے صحرا رکھے
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तेरे क़रीब आ के बड़ी उलझनों में हूँ
تیرے قریب آ کے بڑی الجھنوں میں ہوں
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हर तमाशाई फ़क़त साहिल से मंज़र देखता
ہر تماشائی فقط ساحل سے منظر دیکھتا
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