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तड़पना भी देखा न बिस्मिल का अपने
मीर तक़ी मीर द्वारा
تڑپنا بھی دیکھا نہ بسمل کا اپنے
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तेरी अबरू ओ तेग़-ए-तेज़ तो हम-दम हैं ये दोनों
मीर तक़ी मीर द्वारा
تری ابرو و تیغ تیز تو ہم دم ہیں یہ دونوں
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जिन्स-ए-गिराँ को तुझ से जो लोग चाहते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
جنس گراں کو تجھ سے جو لوگ چاہتے ہیں
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बज़्म से जब निगार उठता है
जौन एलिया द्वारा
بزم سے جب نگار اٹھتا ہے
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नाम ही क्या निशाँ ही क्या ख़्वाब-ओ-ख़याल हो गए
जौन एलिया द्वारा
نام ہی کیا نشاں ہی کیا خواب و خیال ہو گئے
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तू भी चुप है मैं भी चुप हूँ ये कैसी तन्हाई है
जौन एलिया द्वारा
تو بھی چپ ہے میں بھی چپ ہوں یہ کیسی تنہائی ہے
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तुम हक़ीक़त नहीं हो हसरत हो
जौन एलिया द्वारा
تم حقیقت نہیں ہو حسرت ہو
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यक-ब-यक शोरिश-ए-फ़ुग़ां की तरह
فیض احمد فیض द्वारा
یک بیک شورش فغاں کی طرح
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यूँ तुम्हारे नातवान-ए-शौक़ मंज़िल भर चले
قمر جلالوی द्वारा
یوں تمہارے ناتوان شوق منزل بھر چلے
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था अबस तर्क-ए-ताल्लुक़ का इरादा यूँ भी
अहमद फ़राज़ द्वारा
تھا عبث ترک تعلق کا ارادہ یوں بھی
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ये तबीअत है तो ख़ुद आज़ार बन जाएँगे हम
अहमद फ़राज़ द्वारा
یہ طبیعت ہے تو خود آزار بن جائیں گے ہم
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दिल बदन का शरीक-ए-हाल कहाँ
अहमद फ़राज़ द्वारा
دل بدن کا شریک حال کہاں
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इश्क़ नशा है न जादू जो उतर भी जाए
अहमद फ़राज़ द्वारा
عشق نشہ ہے نہ جادو جو اتر بھی جائے
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ये मैं भी क्या हूँ उसे भूल कर उसी का रहा
अहमद फ़राज़ द्वारा
یہ میں بھی کیا ہوں اسے بھول کر اسی کا رہا
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चेहरे पे मिरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन
Amjad Islam Amjad द्वारा
چہرے پہ مرے زلف کو پھیلاؤ کسی دن
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रब्त है नाज़-ए-बुताँ को तो मिरी जान के साथ
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
ربط ہے ناز بتاں کو تو مری جان کے ساتھ
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मेरा जी है जब तक तेरी जुस्तुजू है
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
مرا جی ہے جب تک تری جستجو ہے
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रहता है हड्डियों से मिरी जो हुमा लगा
मीर तक़ी मीर द्वारा
رہتا ہے ہڈیوں سے مری جو ہما لگا
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बंद क़बा को ख़ूबाँ जिस वक़्त वा करेंगे
मीर तक़ी मीर द्वारा
بند قبا کو خوباں جس وقت وا کریں گے
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गर्मी से मैं तो आतिश-ए-ग़म की पिघल गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
گرمی سے میں تو آتش غم کی پگھل گیا
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