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ख़ुशी की बात है या दुख का मंज़र देख सकती हूँ
परवीन शाकिर द्वारा
خوشی کی بات ہے یا دکھ کا منظر دیکھ سکتی ہوں
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दिल के म'मूरे की मत कर फ़िक्र फ़ुर्सत चाहिए
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل کے معمورے کی مت کر فکر فرصت چاہیے
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ग़लत है इश्क़ में ऐ बुलहवस अंदेशा राहत का
मीर तक़ी मीर द्वारा
غلط ہے عشق میں اے بوالہوس اندیشہ راحت کا
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दिल इश्क़ का हमेशा हरीफ़-ए-नबर्द था
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل عشق کا ہمیشہ حریف نبرد تھا
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गुज़र जान से और डर कुछ नहीं
मीर तक़ी मीर द्वारा
گزر جان سے اور ڈر کچھ نہیں
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बजा इरशाद फ़रमाया गया है
जौन एलिया द्वारा
بجا ارشاد فرمایا گیا ہے
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हम पर तुम्हारी चाह का इलज़ाम ही तो है
فیض احمد فیض द्वारा
ہم پر تمہاری چاہ کا الزام ہی تو ہے
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जिस्म शोला है जभी जामा-ए-सादा पहना
अहमद फ़राज़ द्वारा
جسم شعلہ ہے جبھی جامۂ سادہ پہنا
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नाला-ए-अज्ज़ नक़्स-ए-उल्फ़त है
मीर तक़ी मीर द्वारा
نالۂ عجز نقص الفت ہے
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कल शब-ए-हिज्राँ थी लब पर नाला-ए-बीमाराना था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کل شب ہجراں تھی لب پر نالہ بیمارانہ تھا
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रात प्यासा था मेरे लहू का
मीर तक़ी मीर द्वारा
رات پیاسا تھا میرے لوہو کا
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तुम अपने शिकवे की बातें न खोद खोद के पूछो
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
تم اپنے شکوے کی باتیں نہ کھود کھود کے پوچھو
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न फिर रखेंगे तेरी रह में पा हम
मीर तक़ी मीर द्वारा
نہ پھر رکھیں گے تیری رہ میں پا ہم
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शाम आई तिरी यादों के सितारे निकले
परवीन शाकिर द्वारा
شام آئی تری یادوں کے ستارے نکلے
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कू-ब-कू फैल गई बात शनासाई की
परवीन शाकिर द्वारा
کو بہ کو پھیل گئی بات شناسائی کی
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जब से उस बेवफ़ा ने बाल रखे
मीर तक़ी मीर द्वारा
جب سے اس بے وفا نے بال رکھے
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जो मैं न हूँ तो करो तर्क नाज़ करने को
मीर तक़ी मीर द्वारा
جو میں نہ ہوں تو کرو ترک ناز کرنے کو
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किस हुस्न से कहूँ मैं उस की ख़ुश अख़्तरी की
मीर तक़ी मीर द्वारा
کس حسن سے کہوں میں اس کی خوش اختری کی
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क्या कहें आतिश-ए-हिज्राँ से गले जाते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا کہیں آتش ہجراں سے گلے جاتے ہیں
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ख़ूबी का उस की बसके तलबगार हो गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
خوبی کا اس کی بسکہ طلب گار ہو گیا
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