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जीते जी कूचए-दिल-दार से जाया न गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
جیتے جی کوچۂ دل دار سے جایا نہ گیا
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दिल में अब यूं तेरे भूले हुए ग़म आते हैं
فیض احمد فیض द्वारा
دل میں اب یوں ترے بھولے ہوئے غم آتے ہیں
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जब रोने बैठता हूँ तब क्या कसर रहे है
मीर तक़ी मीर द्वारा
جب رونے بیٹھتا ہوں تب کیا کسر رہے ہے
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माइल-ब-करम मुझ पर हो जाएं तो अच्छा हो
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
مائل بہ کرم مجھ پر ہو جائیں تو اچھا ہو
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कहाँ आ के रुकने थे रास्ते कहाँ मोड़ था उसे भूल जा
Amjad Islam Amjad द्वारा
کہاں آ کے رکنے تھے راستے کہاں موڑ تھا اسے بھول جا
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ऐ सनम देर न कर अंजुमन आरा हो जा
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
اے صنم دیر نہ کر انجمن آرا ہو جا
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जिन जिन को था यह इश्क़ का आज़ार मर गए
मीर तक़ी मीर द्वारा
جن جن کو تھا یہ عشق کا آزار مر گئے
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ज़ख़्म झेले दाग़ भी खाए बहुत
मीर तक़ी मीर द्वारा
زخم جھیلے داغ بھی کھائے بہت
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बादबाँ खुलने से पहले का इशारा देखना
परवीन शाकिर द्वारा
بادباں کھلنے سے پہلے کا اشارہ دیکھنا
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रही निगुफ़्ता मेरे दिल में दास्तान मेरी
मीर तक़ी मीर द्वारा
رہی نگفتہ مرے دل میں داستاں میری
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तेरी बातें ही सुनाने आए
अहमद फ़राज़ द्वारा
تیری باتیں ہی سنانے آئے
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नया इक रिश्ता पैदा क्यों करें हम
जौन एलिया द्वारा
نیا اک رشتہ پیدا کیوں کریں ہم
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क़ुर्बत भी नहीं दिल से उतर भी नहीं जाता
अहमद फ़राज़ द्वारा
قربت بھی نہیں دل سے اتر بھی نہیں جاتا
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इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
अहमद फ़राज़ द्वारा
اس سے پہلے کہ بے وفا ہو جائیں
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मुंतज़िर कब से तहय्युर है तेरी तक़रीर का
अहमद फ़राज़ द्वारा
منتظر کب سے تحیر ہے تری تقریر کا
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तरस रहा हूँ मगर तू नज़र न आ मुझ को
अहमद फ़राज़ द्वारा
ترس رہا ہوں مگر تو نظر نہ آ مجھ کو
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ये आलम-ए-शौक़ का देखा न जाए
अहमद फ़राज़ द्वारा
یہ عالم شوق کا دیکھا نہ جائے
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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
अहमद फ़राज़ द्वारा
اب کے ہم بچھڑے تو شاید کبھی خوابوں میں ملیں
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हुई है शाम तो आँखों में बस गया फिर तो
अहमद फ़राज़ द्वारा
ہوئی ہے شام تو آنکھوں میں بس گیا پھر تو
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दुख नोश्ता है तो आँधी को लिखा आहिस्ता
परवीन शाकिर द्वारा
دکھ نوشتہ ہے تو آندھی کو لکھا آہستہ
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